लोक व्यवहार में वेदों का महत्त्व
श्रीमद्भगवद्गीता में कहा गया है ‘न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते’ अर्थात् ज्ञान के समान पवित्र कुछ भी नहीं है।
Read Moreश्रीमद्भगवद्गीता में कहा गया है ‘न हि ज्ञानेन सदृशं पवित्रमिह विद्यते’ अर्थात् ज्ञान के समान पवित्र कुछ भी नहीं है।
Read Moreभारतीय स्वाधीनता आंदोलन, भारत की राष्ट्रीय एकात्मता तथा भारत को वंदनीय मातृ-देवी के रूप में स्थापित करने वाले अमरगीत ‘वंदे
Read Moreभारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिसंबर 2025 को ‘विकसितभारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक 2025 बिल संख्या – 194’ संसद में
Read Moreएक – भारत में प्राचीनकाल से ही खेलों की एक समृद्ध परंपरा रही है। भारत के वैदिककालीन खेल भारतीय सभ्यता
Read Moreप्राचीन भारतीय शिक्षा प्रणाली में शिक्षा प्रा को ही ‘विद्या’ कहा जाता था। तब शिक्षा ज्ञान और अनुभव के सम्मिश्रण
Read More